Monday, October 24, 2011

नेता का तो धरम है धोखा देना....

बहोत पीडित हो कर आज मुझे लिखना ही पड़ा...............................  साथियों एक बात तो आज समझ में आ गयी है , के नेता और अपनी साख बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते है और वो आप सभी को टीम अन्ना के साथ होता हुवा देख रहा है I  एक तरफ प्रधाममंत्री महोदय अन्ना को पत्र लिखते है की हम मजबूत लोकपाल बिल लायेंगे और दूसरी तरफ दिग्विजय जैसे महानायक ओसामा बिन लादेन के रिश्तेदारो को खुलेआम कुछ भी कहेने और और बोलने के लिए खुले सांड की तरह छोड़ रखा है................ मेरे नज़र में अन्ना और अरविन्द से एक गलती हुई , उन्होंने जरुरत से जयादा लोगो पर भरोसा कीया....... नेता का तो धरम है धोखा देना.... लेकिन स्वामी अग्निवेश जैसे कुटिल  का क्या  जो कुछ नाम और पैसा कमाने  के लिए अपने धरम और इमान को भी बेच देते    है...... हमे अपने मुद्दे से नहीं भटकना चाहिए ........जन लोकपाल   बिल देश हित में है......इससे हमारे बच्चो का भविस्य जुदा है इसे तो पास करवाना ही होगा ...........इसका  जिम्मा सिर्फ अरविन्द या अन्ना जी का नहीं है ये तो हम सब का फर्ज है की हम अपने आने वाली पीड़ी को एक अच्छा CORRUPTION  मुक्त समाज दे कर जाये  .............आपका विजय वर्मा 

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